26 Jul 2017

अन्नदाता के आंखी म आंसू?

छत्तीसगढ़ म किसानी के परसादे अपन जीवनयापन चलइया किसान मन के संगे-संग भूमिहिन मजदूर मनके दशा अउ दिशा म अब तक अइसन कोनो खास बदलाव नइ दिखत हाबे जेन ला देखके सरकार ल नम्बर एक सरकार केहे जाए। फेर कोन जनी कोन से आंकड़ा ल देखा के येमन राष्ट्रीय पुरस्कार पा लेथे ते? दिनों-दिन खेती के रकबा कम होवथाबे। कतको के जमीन ह सरकारी तंत्र के बलि चड़गे त कतकोन के खेती ल बयपारी मन पइसा देखा के झटक लिन। 

खेत कमतियागे, पुरखा के काबिज जमीन म अब सरकार के कबजा होगे, उपजाऊ माटी म बड़े-बड़े कारखाना खुलत हाबे, बढ़हर बर सौ योजना अउ छोटे किसान मन एक योजना के लाभ ले खातिर एड़ी खुरचत हाबे, समर्थन मूल्य अउ बोनस के तो बाते छोड़ अऊ उपराहा म फसल बीमा के ओढ़र म सोज्झे बीमा कंपनी ल फायदा पहुंचवात हाबे। किसान मनके विकास ल रोके खातिर अतेक कानून बनगे के अब अन्नदाता के आंखी ले आंसू पोछइया तको नइ मिलत हाबे। जल, जंगल, जमीन के मालिक स्वयं राज सरकार अऊ विभाग के मुक्तियारी म प्रशासनिक अफसर मनके तानाशही ले भूमिहिन गरीब किसान के जीना दुबर होवथाबे। 

काननू के जानकार मन कानून म संशोधन करत काबिज भूमि ले बेदखल करना शुरू कर दे हावय, वनोपज म पाबंदी लगत हाबे। जल, जंगल अउ जमीन ल जीवकोपार्जन बर बउरना माने अपराध, अब के समे म सरकार ले अनुमति लेबे तभेच तोर जीवन चलही। सरकारी तंत्र ह भूमि कानून के अइसे तोड़ निकाले हाबे के कारखाना अउ उद्योगपति मन बर बने नियमावली ल किसान मनला देखा के डरवा देथे। विलासिता के संसाधन ल तको जनहित के नाम देके कृषि भूमि के कबाड़ा करे म भू-माफिया ले जादा तो सरकार खखाय रिथे। 

येकर सबूत रायपुर विकास प्राधिकरण के कमल विहार योजना सउहत हवय जेन ह सौकड़ों एकड़ कृषि भूमि ल किसान मनले नंगाके जबरन एनओसी लेके बैंक ले कर्जा ले डरिस, कृषि भूमि के डायर्वसन करवा डरिस अउ विकसित प्लाट तको बेचे के शुरू होगे। अब कमल विहार म किसान मनला मिलत हाबे कूल भूमि के सिरिफ 35 प्रतिशत हिस्सा, बाकि के 75 प्रतिशत विकास म सिरागे। माने तोरे जमीन म तिही किरायेदार। सबले बड़े बात ये हावय के कमल विहार म प्रभावित किसान मन कना बकायदा जमीन के किसान पुस्तिका रिहिसे।

एक एनओसी ले भूमि के मालिक मन तीसरा पक्षकार होगे अउ रायपुर विकास प्राधिकरण प्रथम पक्षकार के रूप म जमीन के खरीदी-बिक्री करत हाबे। जबकि कानून के जानकार मनके संगे-संग न्यायालय तको रायपुर प्राधिकरण के जमीन अधिग्रहण ल गलत बताये रिहिसे। इही हाल नया राजधानी क्षेत्रवासी मनके होवथाबे। जब सवांगे कानून ल ठेंगा देखा सकथे तव गरीब किसान मनके का औकात। किसान मनके भूमि ले तो अऊ जबर समस्या कृषि उपज के बाजार भाव के हाबे। किसान के बदकिस्मती देखव ऊंकर उपज के दाम एक बयपारी तय करथे। का अन्नदाता ल अपन मेहनत ले उपजाए अन्न के किमत तय के हक नइये? मंडी म बइठे बयपारी उपज ल औने-पौने भाव लगाके मांगत किथे अतका म देना हे त दे नहीं ते जा, सरो अपन खेत म फसल ल। कोनो तो अइसन बेवस्था बनाव के हमर किसान तको अपन उपज के दाम तय करत बयपारी ल लतिया सकय।

17 Jun 2017

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: 'योग ले निरोग बनाही' के सिरिफ रिकार्ड बनाही

आज सरी दुनिया म योग ह तन, मन ल फरिहर करे के बने साधन बनगे हावय। आगू के समें म अइसन कारज सिरिफ बड़े-बड़े रिसी मुनी मन भर करय। अपन जप अउ तप ले सिद्धी पावय अउ लोगन ल भव ले उबारे के नेक काम करय। फेर अब समे के संग योग के रूप म तको बदलाव देखब म अइस। योग अउ साधना ले लोगन ल निरोग बनाये के उदीम चलत हाबे। योग गुरू मन बताथे के कोन से योगासन करे म कति-​कति रोग भागथे येकर जानकारी देवत उन मन परमान तको देखाथे। आज के समे ल देखत योग अउ साधना लोगन मन बर घातेच जरूरी होगे हावय। ऐती-ओती चारो मुड़ा के हाय-हपट ले जीव तालाबेली हो जथे। मुड़ पीरा ले कंझाय मन ल सुकून दे खातिर योग ल बुढ़वा, जवान के संग नोनी मन तको अपनावत हाबे। समे के संग हमर खान-पान अउ कामधंधा तको बदलगे हावय अइसन का लोगन कुछू अइसे उदीम खोजथे जेन तनाव ले मुक्ति देवय। भारत के संगे संग अब सरी दुनिया योग ल ही सब रोग खातिर उपयोगी मानत हाबे। मन चंगा तव कठउती म गंगा काहत योगासन म दुनिया रमत हाबे। हिमालय के पहाड़ी म जाये जरूरत नइये जेन जिहा ठउर मिलत हाबे उहें धियान योग म बइठे घंटा-पाहर।

कोनो भी धरम के संत होवय सबोच सिद्धी साधना के बल म पाये हाबे अउ साधना ध्यान ले आथे तव योग ल हम सरी रोग के रामबाण उपचार के रूप म तको अपना सकत हन। योग ह रोग ल तो दूरिहाथे ये उपचार होगे, फेर योग करे ले कोनो प्रकार के रोग नइ होवय ये लोगन बर संजीवनी के काम करत हाबे। तनाव अउ से मुक्ति पाये खातिर घर-परिवार के सबो माई​ पिला जुर मिलके घरे म योग ल अपन दैनिक जीवन म उतारके घंटा पाहर योगासन करथे। संझा-बिहनियां धियान म बइठे बर कोनो खास नेंग-जोग के घलोक जरूरत नइये, आज योग एकदम आसान होगे हावय। अउ योग ल सीखे के तमाम साधान तको आसानी ले मिलत हाबे। रोज के टीवी चैनल म लाइव योग गुरू मन सीखावत हे कतकोन पुस्तक के प्रकाशन होय हाबे। जेन ल कोनो रोग नइये तेन ल कोनो विशेष योगगुरू के जरूरत नइये फेर रोगी मनला योग गुरू के अनुसार योग ल करना चाही ताकि कोनो अलहन झिन होवय। आसानी से घर म करे लायक गजब अकन योग हाबे जइसे के-
  • सुखासन
  • अर्धपद्मासन
  • वज्रासन
  • शशक आसन
  • मार्जारि आसन
  • ताड़ासन
  • समपाद आसन
  • शवासन
  • सिंहासन
  • वृक्षासन
  • पद्मासन
  • तिर्यकताड़ासन
  • कटिचक्रासन
  • पादहस्तासन
  • उष्ट्रासन
  • ​पश्चिमोत्तानासन
  • नौकासंचालन
  • चक्कीचालान

ये योग मन ल करे खातिर लोगन ल योग-शिक्षा के सामान्य जानकारी होना चाही।
  • योग खाली पेट करना चाही, जने मन भात खा डरे हाबे तेन मन तीन-चार घंटा के बाद योगासन करय। आहार म तको सात्विक भोजन लेवय।
  • योग करे के पहिली शौच, स्नान जइसे नित्यकर्म ले मुक्त होके करय।
  • कठिन आसन ल बरपेली झिन करय।
  • योग ल बरोबर भुइया म बइठ के करय, बोरा जठाके पेड़ तरी करे ले अउ बने धियान म मन लगही। जादा रोठ रजई म झिन बइठय।
  • योग ल बिहनियां करना बने होथे अउ योग करे के बाद थोकिन रूकय तेकर पाछू कुछ अल्का खावय। योग करे के बाद हबरस ले कुछू भी नइ खाना चाही। फल, दूध या अंकुरति अनाज योगासन के आधा घंटा बाद खाना चाही।

प्राणायाम-: वर्तमान समें म प्राणायाम ल सबो उमर के लोगन मन करत हाबे, आसान अउ असरकारक होय के सेती। जेन म प्राणायाम माने "प्राण" अउ "आयाम" अर्थात  प्राण के उलट गमन। 
  • भस्त्रिका प्राणायाम
  • कपालभाति प्राणायाम
  • बाह्य प्राणायाम
  • अनुलोम-विलोम प्राणायाम
  • भ्रामरी प्राणायाम
  • उद्गीथ प्राणायाम
  • प्रणव प्राणायाम
  • उज्जायी प्राणायाम
  • सीत्कारी प्राणायाम
  • शीतली प्राणायम
  • चंदभेदी प्राणायाम
जइसन अउ प्राणायाम के केउ प्रकार बताये गे हावय जेन ल योगगुरू के बताये अनुसार करे ले उचित लाभ होही।

ये पइत योग दिवस ल बिकराल रूप मनाये खातिर भारत सरकार बनेच जोर-शोर ले ​भीड़े हावय। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दिवस 21 जून के भारत म योग ह नवा किर्तिमान बनाही। लाखों आदमी एके संघरे योग करे के गिनीज बूक म वर्ल्ड रिकार्ड म भारत के नाम दर्ज होही। केंद्र ले लेके राज्य मन तको योग के तियारी म लगे हाबे। इहां तक गांव गली मो​हल्ला म तको योग के प्रचार-प्रसार दिखत हाबे। खास करके भाजपा शासित राज्य मन तो अउ ज्यादा योग-योग रटत हाबे। योग के सरकारी रटन ह तभे सफल होही जब लोगन खुद ले योग साधना ल अपनाही। योग के सबले पहिली पाठ ह इही किथे के योग करत बखत मन म कोनो प्रकार के तनाव नइ होना चाही, काकरो केहे म नहीं बल्कि स्वयं होके मन से योग म मन लगावय। सरकार के ये कारज म सबो जुरमिलके योग दिवस म रिकार्ड बनाये खातिर नहीं बल्कि अपन तन-मन ल फरिहाय खातिर जुरियावन।